महाभारत का यह संवाद राजीव गांधी के शासन समय का है

महाभारत का यह संवाद राजीव गांधी के शासन समय का है

by Jaywant Pandya
देश प्रेम से बडा कोई धर्म नहीं
देश कल्याण से अधिक अर्थपूर्ण कोई स्वप्न नहीं
देश हित से अधिक महत्त्वपूर्ण कोई हित नहीं
हे असंख्य लोगों की माता, अपनी संतान को देश प्रेम का वरदान दे कि वो तेरे अतिरिक्त किसी ओर के लिए जीना और तेरे अतिरिक्त किसी ओर के लिए मरना छोड दें
अपनी संतान को ये आशीर्वाद दे, कि ये संकट की घडी है, और तेरी संतान अपने कुरुक्षेत्र में खडी है
 
अच्छा है- महाभारत में सूत्रधार समय द्वारा बोला गया यह संवाद राजीव गांधी के समय में आया था, वर्ना फिर से ‘wire’ वेबसाइट उस पे टॉक्सिक हाइपर नेशनालिझम का आरोप मढ देती।

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